जब भावनाओं एवम संवेदनाओं का बहाव मन के बहाव से तेज हो जाता है, तब पन्ने पर उकेरी पन्क्तियाँ ही मन के उन भावों को प्रकाशित कर पाती हैं… बस अपनी उन्हीं भावनाओं को सार्थकता देने कि एक छोटी सी चेष्ठा है ये ब्लॉग. आप सभी का इस ब्लॉग पर आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!!!
Dec 6, 2010
भूल ना जाना!
सब कु्छ पाने की कोशिश में, कहीं मुस्कुराना भी ना भूल जाना
सब कुछ हासिल करने की राह में, तुम अपनों को ही ना खो जाना।
तुम चलना ना उस राह पर, जहाँ तुम सफ़ल तो हो जाओ
मगर मुड़ कर जब देखो उस राह में, तो चलने की वजह ही ना भुल जाना॥
कम शब्दों में बहुत कुछ कह जाना इसे कहते हैं ...और शायद अच्छे लेखक की निपुणता का परिचायक भी इसीको बोलते हैं..शाबाश अदिति ...बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ हैं ये!!
4 comments:
wah wah...
@sky_high n anupamji: sarahna k lie hardik dhanyawad...
कम शब्दों में बहुत कुछ कह जाना इसे कहते हैं ...और शायद अच्छे लेखक की निपुणता का परिचायक भी इसीको बोलते हैं..शाबाश अदिति ...बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ हैं ये!!
अंकिता दी: मुझे उम्मीद है भविष्य मे भी मैं आपको निराश नहीं करुंगी… इतनी सराह्ना के लिए आपका बहुत आभार्॥
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