ये कविता कुछ उन्हीं लमहोँ के लिए है, जब खाली समय मे हम स्वयम को वक्त के तराजू मे तोलते हैँ…
ना पूछो तुम, ये किन बातोँ का परिणाम रहा
कौन आगे निकल गया, कौन पीछे खड़ा रहा
जाने कितनी मुशकिल से
थी ईमानोँ की नीव रखी
और ना जाने कैसे फ़िर भी
थी उसने परिवर्तन की राह चखी
आखिर वो, सदियोँ का धोखा सह आया
पर जीवन राह अडग रहा
ना पूछो तुम, ये किन बातोँ का परिणाम रहा
तुम क्या जानो, क्या समझो तुम,
कितने अरमानो को साथ लिए
है जरुरत का अम्बार मचल रहा
परिवर्तन से साथ तुम्हारा
आखिर उसको क्योँ है खटक रहा
ना पूछो तुम, ये किन बातोँ का परिणाम रहा
तुम भूले हो याद नहीँ
कभी था कुछ अरमानोँ के नीचे दब गया
माहौल ऐसा दिया था तुमने, है जीवित वो मरा नहीँ
हाँ घुटन से बस वो तड़प गया
अब तो कुछ समझो अब तो कुछ जानो ,
इक आशा के सहारे था क्यों वो खड़ा रहा
ना पूछो तुम, ये किन बातो का परिणाम रहा
कौन आगे निकल गया, कौन पीछे खड़ा रहा

12 comments:
owsome yaar sahi main feeling hai.........
an honest common man in India..!!
going to deep reality and expressing in right words..
Excellent
Welcome to blog writing, B'ful thoughts penned in an elegant style. Gr8 work!! Look frwrd to have many more from you. All the best!
@आकाँक्षा: धन्यवाद जी…
@manu gill: आपके अमूल्य कमेन्ट के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!!
@Anupam ji:आपकी इस सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद्॥
आपकी आशा पूरी करने की मेरी पूरी कोशिश रहेगी॥
कमेन्ट के लिए धन्यवाद!!!
Khoj raha tha jo kya usko mil paya hai...
parivartan ki maya ne sabhi ko maza chakhaya hai..
Na tera na mera koi man mera ye jane hai..
Fir bhi kyun bandhta jaye vayrth ke janhalon me...
shayad yahi karan hai in sab parinaamo ka...
@bhavana di: अच्छी पँक्तियाँ हैं ……
hmmm.....
i can sense ur feelings in dis particular creation i guess............
i mean a little bit nly...:-)
हर व्यक्ति के जीवन में ऐसा वक्त आता है जब वो इस असमंजस की स्तिथि से गुज़रता है परन्तु इन विचारों को एवम इस मानसिक स्तिथि की शब्दों द्वारा अभिव्यक्ति कर पाना बहुत मुश्किल होता है ..पर इन पंक्तियों द्वारा तुमने काफी प्रभावशाली एवम संपूर्ण तरीके से उन बेजुबान विचारों की आवाज़ दी है जो सच में सराहनीय है !!
दिव्या शक्ति: बहुत बहुत धन्यवाद जी…
अंकिता दी: आपकी सराह्ना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!!!
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